Monday, November 26, 2007

पिता का प्रेम

हर एक पिता संसार का धन्य मनुष्य है। जब बच्चे पिता को पिता कहकर पुकारते हैं तो पिता की ख़ुशी का ठिकाना नही होता। बच्चो को ख़ुशी देख कर हर एक पिता के दिल में एक अदभुत ख़ुशी पैदा होती है। एक बहुत ही ममता से भरा अहसाश होता है।

लेकिन यदि बच्चे बीमार और परेशान हों तो पिता के दुखी दिल का अंदाजा लगाना मुश्किल है। दुनिया का कोई यन्त्र उसे माप नही सकता। पिता के दिल का हल पिता ही जान सकता है।

पवित्र बाइबल बताती है कि जैसे सांसारिक पिता अपने बच्चो से प्रेम करता है, वैसे ही हमारा और उससे भी बढ़कर हमारा परमेश्वर पिता हमसे प्रेम करता है। जब मैं पिता होने पर गर्व करता हूँ तो मुझे तुरंत ही मेरे प्रेमी प्रेमश्वर याद आते हैं ।

वास्तव में धन्य वो पिता जो हम सब का पिता है। जो हम सब से प्रेम करता है और सबसे बढकर प्रेम करता है। उसका प्रेम महान् है ।

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