Tuesday, November 20, 2007

बेटी के लिये ...

बेटी अच्छी हो जाना , नही कभी घबराना तुम,
पिता का प्रेम है तुम्हारे साथ, जरा न संसय करना तुम।

दुःख की घडी में, हिम्मत न कभी हारना,
मुसीबतों में तुम, हौंसला ऊँचा रखना।

बीमारी और संकट सदा साथ नही रहेंगे,
आंसू और पीडा को , प्रभु सदा के लिए दूर करेगे.

थोडे समय के दुःख को, शासवत नही मानना,
ठीक हो जाओगी फिर से तुम, हिम्मत नही हारना।

राज

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