भाई को पापा की गोद में देख के, मेरी बेटी ने बोंला
पापा क्यों नही लेते मुझे भी गोद,
क्या में उनकी बेटी नही हूँ,
क्या मैं उनको प्यारी नही हूँ, ?
कैसे समझाऊ, बेटी को मैं,
प्यार मेरा बराबर है तुम दोनो के लिए
गोद में तुम रहो न रहो,
दिल मेरा धड़कता है, तुम दोनो के लिए।
लेकिन बेटी समझी नही, क्योंकि
बहुत छोटी है,
समझाने के लिए कोशिश भी की
मगर बात नही बनी,
क्योंकि भाई को केवल गोद में लेना
बात उसके लिए अटपटी है!
दूर रहकर बेटी से, जब बात यह मैंने सुनी
दिल में एक टीस सी चुभी
क्यो दूर हूँ मैं, इतना
काश यह शिक़ायत दूर कर देता
हो चाहे खर्चा भी कितना ?
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